Green leaves remember our days of bliss, our first shared words, meet-up, hug and kiss. The fresh flower recite the poem I wrote for you the twisted branches witnessed the promises I broke for you. Just a moment ago, I glanced up and saw nothing remained of your vow. They say, and maybe it’s true – Love is a cup ...

Inspiring Stories, The initial reason that I got interested in poetry was my brother who always had an interest in literature. ...

ऐ तकदीर लिखने वाले एक एहसान कर दे, जिंदगी तो तेरी ही दी है वो जिंदगी मेरे नाम कर दे. हर लम्हा खोजती है ये निगाहे, हर सूरत उससी हो, ये भी तू ऐलान कर दे, छुप – छुप के चाहते अरसो हुए, वो मेरा ही है ये तू सरेआम कर दे ऐ तकदीर लिखने वाले एक एहसान कर दे, ...

A satire on restrictions of women's clothing ...

A politics oriented poem ...

भूलोटन भूखा और नंगा हैसदियों सेवह मेरी कविता में आयाऔर घूमता रहा वहांभूखा और नंगा ही मैंने अपनी कविता मेंख़ूब नचाया उसेउसके आने सेख़ूब दाद मिलीमेरी कविता को मेरा कवि मन गदगद हुआ मगर भूखा, नंगा भूलोटनठेंगा दिखा रहामुझे और मेरी कविता को – ©® सतीश कुमार ...

मैं भारत भाग्य विधाता हूँ। मैं ब्रह्म हूँ, मैं ही ओम हूँ ...