मुझे आदमियों से डर लगता था, 11 साल उम्र थी मेरी, हसमुख, चंचल स्वभाव सबसे हंसती और बातें करती - हिंदी कविता ...

ऐ तकदीर लिखने वाले एक एहसान कर दे, जिंदगी तो तेरी ही दी है वो जिंदगी मेरे नाम कर दे. हर लम्हा खोजती है ये निगाहे, हर सूरत उससी हो, ये भी तू ऐलान कर दे, छुप – छुप के चाहते अरसो हुए, वो मेरा ही है ये तू सरेआम कर दे ऐ तकदीर लिखने वाले एक एहसान कर दे, ...

न मस्जिद की बात हो, न शिवालों की बात हो, जनता भूखी है, निवालों की बात हो, ...

ज़िन्दगी के इस भंवर में ढूंढने निकले खुद को हम, ...